← Story Library

इच्छाओं की आग

इच्छाओं की आग

अध्याय 1: पकड़ी गई रंगे हाथों

अनुष्का अपने कमरे में अकेली थी, रात का सन्नाटा चारों ओर फैला हुआ था। उसकी उंगलियाँ फोन पर तेज़ी से चल रही थीं, स्क्रीन की नीली रोशनी उसके चेहरे पर चमक रही थी। वह अंकित के साथ एक गंदी, कामुक चैट में डूबी हुई थी। 'अंकित, मैं तुम्हारे cock को अपने मुँह में लेना चाहती हूँ, उसे चूसना चाहती हूँ जब तक तुम hard न हो जाओ,' उसने टाइप किया, उसकी साँसें तेज़ हो रही थीं। जवाब में अंकित ने लिखा, 'अनुष्का, मैं तुम्हारी wet pussy को चाटना चाहता हूँ, तुम्हें dripping बनाना चाहता हूँ।'

अनुष्का की हँसी कमरे में गूँजी, उसकी आँखों में वासना की चमक थी। लेकिन उसे नहीं पता था कि उसका भाई सूरज, जो अगले कमरे में था, उसकी हर हरकत पर नज़र रख रहा था। सूरज ने चुपके से उसका फोन हैक कर लिया था और उसकी सारी चैट्स पढ़ रहा था। 'ये क्या बकवास है?' सूरज ने अपने आप से कहा, उसकी भौहें तन गईं। 'अनुष्का, तुम इतनी गिरी हुई हो? कितने लड़कों के साथ ये सब?' उसने स्क्रॉल करते हुए देखा कि अंकित के अलावा भी कई नाम थे—हर चैट में गंदे शब्द, सेक्स की बातें, और वादे।

सूरज का गुस्सा बढ़ता गया, लेकिन कहीं न कहीं उसकी जिज्ञासा भी जाग रही थी। 'मैं देखना चाहता हूँ कि ये सब कहाँ तक जाता है,' उसने सोचा। अगले दिन, उसने अनुष्का का पीछा किया। अनुष्का एक सुनसान गोदाम की ओर जा रही थी, जहाँ अंकित उसका इंतज़ार कर रहा था। सूरज ने दूर से देखा—अनुष्का ने एक काले रंग की टाइट ड्रेस पहनी थी, जो उसकी curves को उभार रही थी। अंकित ने उसे देखते ही कहा, 'आज रात तुम मेरी हो, अनुष्का। मैं तुम्हें अपनी रानी बनाऊँगा, लेकिन पहले तुम्हें मेरी हर बात माननी होगी।'

अनुष्का ने मुस्कुराते हुए कहा, 'मैं तैयार हूँ, अंकित। मुझे hard चोदो, मुझे अपनी bitch बनाओ।' सूरज ने ये सुनकर अपने दाँत पीस लिए, लेकिन वह रुक नहीं सका। उसने देखा कि अंकित ने अनुष्का को दीवार से सटा दिया, उसकी ड्रेस को ऊपर उठाया, और उसकी ass पर एक ज़ोरदार थप्पड़ मारा। अनुष्का ने कराहते हुए कहा, 'और मारो, मुझे दर्द पसंद है।'

सूरज का खून खौल रहा था, लेकिन वह वहाँ से हट नहीं सका। अंकित ने अनुष्का को घुटनों पर बिठाया, और कहा, 'चूसो, मुझे blowjob दो।' अनुष्का ने बिना हिचकिचाहट के उसकी बात मानी, उसकी आँखों में एक जंगली भूख थी। सूरज ने देखा कि उसकी बहन पूरी तरह से अंकित के कंट्रोल में थी, लेकिन वह कमज़ोर नहीं लग रही थी—वह मज़े ले रही थी, हर पल को जी रही थी।

अंकित ने अनुष्का को उठाया, उसकी टाँगें फैलाईं, और कहा, 'अब मैं तुम्हें चोदने जा रहा हूँ, इतना hard कि तुम चीख उठोगी।' अनुष्का ने हँसते हुए कहा, 'देखते हैं तुम कितने मर्द हो।' उनकी साँसें तेज़ हो गईं, दोनों sweating और panting थे, कमरे में वासना की गर्मी फैल रही थी। सूरज का दिल तेज़ी से धड़क रहा था—वह गुस्से में था, लेकिन कहीं न कहीं उसकी भी आँखें इस दृश्य से हट नहीं रही थीं।

(अगले अध्याय में सूरज अनुष्का से इस सबके बारे में बात करेगा, और कुछ चौंकाने वाले राज़ खुलेंगे।)

Want to know how it ends?

This is just the opening chapter. Continue the saga — or write a steamy tale starring you.